भारत की लाइफलाइन: 102, 108 से लेकर 112 तक, जानें किस आपात स्थिति में कौन सा नंबर घुमाएं
विशेष रिपोर्ट
अक्सर आपातकालीन स्थिति में लोग घबरा जाते हैं कि किस नंबर पर फोन करें। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से विभिन्न एम्बुलेंस हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। क्या आप जानते हैं कि 108 और 102 में क्या अंतर है? या नेशनल हाईवे पर दुर्घटना होने पर 1033 आपकी जान कैसे बचा सकता है?
आइए विस्तार से समझते हैं इन जीवन रक्षक सेवाओं के बारे में:
1. नंबर 108: इमरजेंसी रिस्पांस सर्विस (आपातकालीन सेवा)
यह भारत की सबसे प्रमुख एम्बुलेंस सेवा है, जिसे ‘आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा’ कहा जाता है।
- उद्देश्य: गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति (जैसे हार्ट अटैक, गंभीर चोट, जहर खाना) के साथ-साथ पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद के लिए।
- विशेषता: इसमें ALS (Advanced Life Support) और BLS (Basic Life Support) दोनों तरह की एम्बुलेंस होती हैं। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है।
2. नंबर 102: नेशनल एम्बुलेंस सर्विस (गर्भवती महिलाओं और नवजात के लिए)
यह सेवा विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को समर्पित है।
- उद्देश्य: गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने और प्रसव के बाद घर छोड़ने के लिए। साथ ही बीमार नवजात शिशुओं (1 वर्ष तक) के लिए यह सेवा उपयोग की जाती है।
- विशेषता: यह ‘जननी सुरक्षा योजना’ और ‘जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम’ का हिस्सा है।
3. नंबर 112: सिंगल इमरजेंसी हेल्पलाइन (ERSS)
भारत सरकार ने अमेरिका के ‘911’ की तर्ज पर इसे लॉन्च किया है।
- उद्देश्य: यह एक ‘ऑल-इन-वन’ नंबर है। अगर आप 112 डायल करते हैं, तो आपकी कॉल को आवश्यकतानुसार पुलिस (100), फायर (101) या एम्बुलेंस (108) विभाग को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
- फायदा: पैनिक बटन की सुविधा और लोकेशन ट्रैकिंग के कारण यह संकट में सबसे प्रभावी है।
4. नंबर 1033: नेशनल हाईवे हेल्पलाइन
यदि आप किसी नेशनल हाईवे पर यात्रा कर रहे हैं और दुर्घटना हो जाती है, तो यह नंबर आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
- उद्देश्य: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा संचालित यह सेवा राजमार्गों पर एम्बुलेंस, क्रेन और पेट्रोलिंग वाहन उपलब्ध कराती है।
- खास बात: यह राजमार्गों पर ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) में चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करता है।
5. नंबर 1067: स्थानीय स्वास्थ्य सहायता (क्षेत्रीय सेवा)
यह नंबर अक्सर कुछ विशिष्ट राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी या स्थानीय एम्बुलेंस सेवाओं के लिए उपयोग किया जाता है (जैसे दिल्ली में पशु चिकित्सा या कुछ विशेष मोबाइल हेल्थ यूनिट्स)।
