बजरंगबली की भक्ति में डूबी युवा पीढ़ी; सुंदरकांड के पाठ से गूंज उठे शहर, मान्यता है कि इस दिन पूजा से मिलते हैं विशेष फल।
बेमेतरा नगर :
ज्येष्ठ मास के पावन अवसर पर आज ‘बड़े मंगल’ (बुढ़वा मंगल) के मौके पर चारों ओर बजरंगबली के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। सुबह के ब्रह्ममुहूर्त से ही हनुमान मंदिरों में भक्तों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची। इस वर्ष के बड़े मंगल पर एक बेहद खूबसूरत और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है—मंदिरों की लंबी कतारों में बुजुर्गों के साथ-साथ भारी संख्या में युवा भी पूरी श्रद्धा और नियम-संयम के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। आधुनिक दौर में युवाओं के बीच धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति के प्रति बढ़ता यह आकर्षण चर्चा का विषय बना हुआ है।
भक्ति के रंग में रंगे युवा: रील से रुख मोड़कर पहुंचे मंदिर
अक्सर सोशल मीडिया और आधुनिकता में व्यस्त रहने वाली आज की युवा पीढ़ी बड़े मंगल के अवसर पर पूरी तरह हनुमान जी की भक्ति के रंग में सराबोर दिखी। युवाओं ने न केवल मंदिरों में जाकर शीश नवाया, बल्कि जगह-जगह लगे भंडारों में बढ़-चढ़कर सेवा भी की।

“यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हमारी जड़ों से जुड़ने का जरिया है। हनुमान जी युवाओं के लिए शक्ति, बुद्धि और अनुशासन के सबसे बड़े रोल मॉडल हैं।”
— पंडित जी दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर बेमेतरा
बड़े मंगल का धार्मिक महत्व और विशेष फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार का हनुमान जी की पूजा के लिए विशेष महत्व है। ज्योतिषविदों और आचार्यों के मुताबिक, इस दिन संकटमोचन की आराधना करने से भक्तों को असाधारण और विशेष फलों की प्राप्ति होती है।
- संकटों से मुक्ति: इस दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन के सभी बड़े संकट और कुंडली के ग्रह दोष (विशेषकर शनि और मंगल दोष) दूर होते हैं।
- सकारात्मक ऊर्जा का संचार: युवाओं का मानना है कि हनुमान जी की भक्ति से मानसिक तनाव दूर होता है और करियर व जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मबल (Willpower) मिलता है।
- भंडारे और दान का पुण्य: मान्यता है कि इस दिन प्यासों को पानी पिलाने और भूखों को भोजन कराने से हनुमान जी प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
मंदिरों में महाआरती, भजन संध्या और सुंदरकांड के पाठ चलते रहने की उम्मीद है, जिससे पूरा माहौल पूरी तरह से भक्तिमय बना हुआ है।
