बेमेतरा में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात: कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के नेतृत्व में युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी
भालेसर ईंटभट्ठे से मजदूरों का सुरक्षित रेस्क्यू, बगलेड़ी में 800 ग्रामीणों को बांटा गया राशन; कई मार्गों पर आवागमन बंद
बेमेतरा। जिले में बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह सजग और अलर्ट मोड पर हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं।
कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों के बाद राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम संभावित बाढ़ और जलभराव वाले क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रही है। प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के साथ-साथ उनके रहने, खाने-पीने और आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाओं की तत्परता से व्यवस्था की जा रही है।
प्रमुख राहत एवं बचाव कार्य:
- ईंटभट्ठा मजदूरों का रेस्क्यू: ग्राम भालेसर स्थित ईंटभट्ठे में पानी भरने के कारण फँसे मजदूरों को आपदा प्रबंधन टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें स्थानीय शासकीय स्कूल में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर में ठहराया गया है, जहाँ उनके लिए भोजन और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
- 800 नागरिकों को राशन वितरण: ग्राम बगलेड़ी में जलभराव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं। गाँव के प्रभावित 800 निवासियों को तात्कालिक राहत के रूप में सूखा राशन व अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई है।
- रास्तों पर चौकसी और बैरिकेडिंग: डोटू नाले में जलस्तर बढ़ने से सावंतपुर मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। साजा एसडीएम ने स्वयं मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर कोटवार एवं पटवारी की ड्यूटी लगाई गई है तथा लोक निर्माण विभाग व पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा समोदा नाले पर आवागमन रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है।
- सड़क संपर्क टूटा: तहसील देवकर के अंतर्गत आने वाले ग्राम बासिन का संपर्क आसपास के गाँवों से कट गया है। प्रशासन ने मुनादी और चेतावनी जारी कर ग्रामीणों को जलभराव वाले रास्तों से आवाजाही न करने की सख्त ताकीद की है।
स्थिति नियंत्रण में, जिला प्रशासन की पैनी नजर
प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते जिले में फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। संवेदनशील और निचले इलाकों में जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
