भक्ति और उल्लास के साथ मनाई जा रही है ‘सीता नवमी’, चारों ओर गूंज रहा माँ जानकी का नाम
अयोध्या
आज पूरे देश में ‘सीता नवमी’ का पावन पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की अर्धांगिनी, जग-जननी माँ सीता के प्राकट्योत्सव के अवसर पर देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों का आयोजन किया गया है।
शुभकामनाओं का लगा तांता
इस पावन अवसर पर चहुंओर से मंगलकामनाओं का प्रवाह हो रहा है। देशवासियों को ‘सीता नवमी’ की बधाई देते हुए यह कामना की गई है कि माता सीता की असीम कृपा समस्त चराचर जगत पर बनी रहे। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माँ जानकी के आशीर्वाद से हर घर का आँगन धन-धान्य और सुख-समृद्धि से परिपूर्ण रहेगा।
मानवता के कल्याण की प्रार्थना
मठों और मंदिरों में विशेष आरती के साथ ‘जनक-नन्दिनी’ की महिमा का गुणगान किया जा रहा है। इस वर्ष सीता नवमी का विशेष महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि श्रद्धालु न केवल अपने परिवार की सुख-शांति, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के मंगल और विश्व कल्याण की प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रमुख आकर्षण:
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- मिथिलांचल में विशेष उत्सव: माँ सीता की जन्मभूमि मिथिलांचल में भारी उत्साह देखा जा रहा है, जहाँ घर-घर में सोहर और मंगल गीत गाए जा रहे हैं।
- राम मंदिरों में रौनक: रामलला के मंदिरों में विशेष अभिषेक और श्रृंगार का आयोजन किया गया है।
- भंडारे और सेवा कार्य: कई स्थानों पर दान-पुण्य और भंडारों के माध्यम से सेवा कार्य किए जा रहे हैं।
”त्याग, शील और ममता की प्रतिमूर्ति माँ सीता का जीवन हर युग में मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनका प्राकट्य दिवस अधर्म पर धर्म की विजय और स्त्री शक्ति के गौरव का प्रतीक है।”
जय सियाराम!
