बेमेतरा: पंचायती राज दिवस पर ग्राम सभाओं में गूँजा विकास का मंत्र, आत्मनिर्भरता और जल संरक्षण पर रहा जोर
बेमेतरा, 25 अप्रैल 2026 छत्तीसगढ़ शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आज बेमेतरा जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में पंचायती राज दिवस को एक उत्सव के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने विकास की नई इबारत लिखने का संकल्प लिया। जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन सभाओं का मुख्य केंद्र ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाना और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना रहा।

आजीविका और महिला सशक्तिकरण
ग्राम सभाओं में महिलाओं की उपस्थिति और सक्रियता विशेष रूप से चर्चा का विषय रही। महिला स्व-सहायता समूहों ने “नया तरिया, कमाई के जरिया” अभियान के तहत अपनी बात रखी। समूहों ने आजीविका संवर्धन के लिए नए सुझाव दिए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाएं अब नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

जल शक्ति और स्वच्छता पर मंथन
आगामी मानसून को देखते हुए जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। “पानी की हर बूंद सहेजना” के संकल्प के साथ जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार और संरक्षण की योजनाएं बनाई गईं। इसके साथ ही:
- अपशिष्ट प्रबंधन: घरों से निकलने वाले कचरे और गंदे पानी के सही निस्तारण के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
- स्वच्छता: गांव को गंदगी मुक्त रखने के लिए सामूहिक उत्तरदायित्व पर जोर दिया गया।
तकनीकी पारदर्शिता: समर्थ पोर्टल
पंचायतों को डिजिटल और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए समर्थ पोर्टल पर टैक्स पेयरों की एंट्री के कार्य की समीक्षा की गई। इस पहल का उद्देश्य पंचायतों के स्वयं के राजस्व को बढ़ाना और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
सहभागिता से विकास
जिला प्रशासन के अनुसार, पंचायती राज दिवस के इन आयोजनों ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब ग्रामीण स्वयं निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं, तो विकास की गति दोगुनी हो जाती है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी ने इस लोकतांत्रिक पर्व को सफल बनाया।
