बेमेतरा: भीषण गर्मी में जल संकट रोकने के लिए कलेक्टर सख्त, कहा- ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
बेमेतरा, 21 अप्रैल 2026। जिले में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के मद्देनजर पेयजल आपूर्ति को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिला कार्यालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की समीक्षा बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के किसी भी हिस्से में पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए।
प्रमुख निर्देश: निर्बाध आपूर्ति और त्वरित सुधार
कलेक्टर ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- शून्य लापरवाही: पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोताही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
- त्वरित मरम्मत: पाइपलाइन लीकेज, खराब हैंडपंप या मोटर पंप की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश।
- अग्रिम कार्ययोजना: जिन क्षेत्रों में जल स्तर (Groundwater level) नीचे गिरता है, वहां पहले से ही टैंकरों और अतिरिक्त बोरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जल संरक्षण: “आज की बचत, कल की प्यास बुझाएगी”
प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ कलेक्टर ने नागरिकों से जल संरक्षण को एक सामूहिक उत्तरदायित्व बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पानी का अपव्यय रोकना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
”जल ही जीवन है। नल को अनावश्यक खुला न छोड़ें और केवल आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें।” — सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, कलेक्टर
आमजनों के लिए जल बचत के ‘स्मार्ट’ टिप्स
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बैठक में जल बचाने के कुछ व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए हैं:
- RO पानी का पुन: उपयोग: वाटर प्यूरीफायर से निकलने वाले वेस्ट पानी का उपयोग पोंछा लगाने या गाड़ी धोने में करें।
- रसोई का प्रबंधन: फल-सब्जी धोने के बाद बचे पानी को पौधों या गमलों में डालें।
- सतर्कता: कहीं भी पाइपलाइन लीकेज दिखे, तो तत्काल विभाग को सूचित करें।
- संयम: सड़कों पर पानी छिड़कने और कूलर से पानी के अनावश्यक बहाव को रोकें।
उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पीएचई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नगर पालिका व नगर पंचायत के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
