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22/05/2026

​पश्चिम एशिया संकट: राज्य सरकार सतर्क; पेट्रोल-डीजल की खुली बिक्री पर तत्काल रोक, सिर्फ वाहनों में ही मिलेगा ईंधन

बेमेतरा, 22 मई 2026: पश्चिम एशिया में गहराते संकट और उसके संभावित अंतरराष्ट्रीय प्रभावों को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए शासन ने पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री और वितरण को लेकर एक नई और बेहद सख्त व्यवस्था लागू कर दी है।

​नए आदेश के तहत अब प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल केवल सीधे उपभोक्ताओं के वाहनों की टंकियों में ही भरा जाएगा। ड्रम, बोतल, जेरीकेन या किसी भी प्रकार के खुले बर्तनों में ईंधन बेचने पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

उल्लंघन करने पर ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत होगी जेल

​राज्य शासन ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (PSUs) और समानांतर विपणनकर्ता कंपनियों के सभी रिटेल आउटलेट संचालकों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।

क्या कहता है नियम?

ड्रम, बोतल या जेरीकेन में पेट्रोल-डीजल बेचना ‘मोटर स्पिरिट एवं उच्च वेग डीजल (प्रदाय तथा वितरण का विनियमन और अनाचार निवारण) आदेश 2005’ के तहत “अप्राधिकृत विक्रय” (Unauthorized Sale) माना जाएगा।

 

​यदि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक या व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत मामला दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों को भी फील्ड पर निगरानी बढ़ाने और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों और आवश्यक सेवाओं को बड़ी राहत

​चूँकि अभी रबी सीजन की फसल कटाई चल रही है और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू होने वाली हैं, इसे देखते हुए सरकार ने किसानों को इस कड़े नियम से आंशिक छूट दी है। किसानों के अलावा निम्नलिखित सेवाओं को भी प्रतिबंध से राहत दी गई है:

  • कृषि कार्य: फसल कटाई और ट्रैक्टर/थ्रेशर संचालन के लिए।
  • शासकीय कार्य: जिला कलेक्टर द्वारा चिन्हित रेलवे, सड़क निर्माण और भवन निर्माण जैसे समय-सीमा वाले प्रोजेक्ट्स।
  • अत्यावश्यक सेवाएं: अस्पताल (जनरेटर आदि के लिए) और मोबाइल टॉवर।

ईंधन के लिए लेनी होगी एसडीएम (SDM) की अनुमति

​राहत श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं को सीधे ड्रम या जेरीकेन में ईंधन नहीं मिलेगा। इसके लिए एक प्रक्रिया तय की गई है:

  1. ​कृषकों, शासकीय ठेकेदारों और आवश्यक सेवा प्रदाताओं को सबसे पहले संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम के पास आवेदन करना होगा।
  2. ​एसडीएम द्वारा मांग की प्रामाणिकता का परीक्षण करने के बाद लिखित अनुमति जारी की जाएगी।
  3. ​अनुमति पत्र दिखाने के बाद ही रिटेल आउटलेट संचालक सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निर्धारित मात्रा में डीजल/पेट्रोल उपलब्ध करा सकेंगे।

क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

​राज्य सरकार का मानना है कि वर्तमान वैश्विक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण बाजार में पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खरीदी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी की आशंका बढ़ सकती है। इसी अग्रिम सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है, ताकि आम उपभोक्ताओं को नियमित रूप से ईंधन मिलता रहे और राज्य की अर्थव्यवस्था या आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।

प्रशासन की अपील:

​”आम नागरिक पैनिक बाइंग (डर में आकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी) न करें। पेट्रोल-डीजल का अनावश्यक संग्रहण न करें और संकट के इस समय में शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन कर सहयोग दें।”

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