बेमेतरा पुलिस को मिली ₹65 लाख की हाईटेक फॉरेंसिक मोबाइल वैन, DIG रामकृष्ण साहू ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
बेमेतरा। केंद्र और राज्य सरकार की आधुनिक पुलिसिंग पहल के तहत बेमेतरा जिला पुलिस को एक बड़ी सौगात मिली है। जिले में अपराध अनुसंधान (Crime Investigation) को अधिक वैज्ञानिक, सटीक और प्रभावी बनाने के लिए करीब 65 लाख रुपये की लागत से तैयार, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘हाईटेक फॉरेंसिक मोबाइल वैन’ तैनात की गई है।
शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान, मुख्य अतिथि पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद इस वैन को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।

गंभीर अपराधों की जांच में मिलेगी मजबूती: DIG रामकृष्ण साहू
वैन का शुभारंभ करते हुए DIG श्री रामकृष्ण साहू ने कहा, “जिले में इस हाईटेक फॉरेंसिक मोबाइल वैन की उपलब्धता से अपराध विवेचना में निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अब 7 वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले गंभीर अपराधों में घटनास्थल पर फॉरेंसिक विशेषज्ञ की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रहण अनिवार्य किया गया है। इससे जांच अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायालय में प्रभावी होगी।” उन्होंने आगे बताया कि अब साक्ष्य संग्रहण की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाएगी, जिससे जांच की विश्वसनीयता बढ़ेगी और अपराधियों की शीघ्र पहचान व गिरफ्तारी हो सकेगी।
जांच में नहीं होगा विलंब, बढ़ेगी दोषसिद्धि दर: एडिशनल एसपी
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री हरीश कुमार यादव ने बताया कि पहले फॉरेंसिक जांच के लिए साक्ष्यों को दूसरे जिलों की प्रयोगशालाओं (Labs) में भेजना पड़ता था, जिससे रिपोर्ट आने में काफी समय लगता था। अब हर जिले में ‘सीन ऑफ क्राइम यूनिट’ और इस हाईटेक वैन के आ जाने से जांच प्रक्रिया बेहद तेज होगी, जिससे मामलों में दोषसिद्धि (Conviction Rate) बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी।
चलती-फिरती लैब है यह हाईटेक वैन, जानिए इसकी खूबियां
वैज्ञानिक अधिकारी श्रीमती आकांक्षा सिंह ने वैन में मौजूद आधुनिक उपकरणों और किट्स की जानकारी देते हुए बताया कि इसके जरिए घटनास्थल पर ही प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच और वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सकेगा।
इस वैन में निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं:
- फिंगरप्रिंट डिटेक्शन किट (Fingerprint Detection Kit)
- नार्कोटिक्स परीक्षण उपकरण (ड्रग्स व नशीले पदार्थों की जांच के लिए)
- डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग
- बुलेट होल स्क्रीनिंग और बैलिस्टिक जांच (गोलीबारी से जुड़े मामलों के लिए)
- जीएसआर (GSR) परीक्षण किट और जीपीएस सिस्टम
- फोटोग्राफी एवं डॉक्यूमेंटेशन की विशेष सुविधा
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस खास अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव, वैज्ञानिक अधिकारी श्रीमती आकांक्षा सिंह, विशेष लोक अभियोजक अधिकारी श्री अनिमेष मिश्रा, जिला लोक अभियोजक अधिकारी श्री शिव गोपाल श्रीवास, जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती कविता राव सहित अभियोजन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
साथ ही एसडीओपी श्री भूषण एक्का, डीएसपी (मुख्यालय) श्री राजेश कुमार झा (जिन्होंने कार्यक्रम का सफल संचालन किया), डीएसपी श्रीमती शशीकला उईके, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, निरीक्षक कृष्णकांत सिंह, उप निरीक्षक अलील चंद सहित भारी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में एएसपी हरीश कुमार यादव ने सभी का आभार प्रदर्शन किया।
