बढ़ती गर्मी और लू से बचने के लिए आयुष विभाग ने जारी की एडवाइजरी: अपनाएं ये प्राकृतिक व आयुर्वेदिक उपाय
बेमेतरा | 23 अप्रैल 2026 भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, जिला बेमेतरा के अंतर्गत संचालित जिला चिकित्सालय स्थित आयुष एन.सी.डी. (NCD) क्लिनिक ने आम नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। इस क्लिनिक के माध्यम से लोगों को गर्मी से सुरक्षित रहने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद के सरल व प्रभावी उपायों को अपनाने की सलाह दी गई है।
अक्टूबर 2024 से अब तक 7,000 से अधिक लाभान्वित
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशानुसार और सीएमएचओ डॉ. अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन में संचालित इस क्लिनिक का नेतृत्व सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू कर रहे हैं। यहाँ आयुष चिकित्सक डॉ. चिरंजीवी वर्मा (MD), योग व प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. भूमिका साहू और काउंसलर गोविंद सिंह नियमित सेवाएं दे रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिला के 7,000 से अधिक नागरिक इस केंद्र से लाभ उठा चुके हैं।
गर्मी को हराने के लिए विशेषज्ञ सलाह
1. खान-पान: शरीर को रखें हाइड्रेटेड
गर्मी में शरीर के तापमान को संतुलित रखने के लिए विशेषज्ञ निम्नलिखित सुझाव देते हैं:
- क्या खाएं: तरबूज, खरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे जलयुक्त फलों का सेवन करें। लौकी, तोरई और परवल जैसी सुपाच्य सब्जियां लें।
- पेय पदार्थ: नारियल पानी, छाछ, सत्तू, नींबू पानी और जौ का पानी प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक का काम करते हैं।
- क्या न खाएं: तला-भुना, मसालेदार भोजन, अधिक चाय-कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से बचें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं।
2. आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक उपचार
आयुर्वेद के अनुसार, गर्मी में शरीर में ‘पित्त’ बढ़ जाता है। इसे संतुलित करने के लिए:
- गुलकंद, बेल का शरबत और आम पन्ना का सेवन करें।
- धनिया, सौंफ और जीरे को उबालकर उसका पानी पीना शरीर को भीतर से ठंडा रखता है।
- मिट्टी का लेप: पेट और आंखों पर मिट्टी का लेप लगाने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है।
3. योग और प्राणायाम: आंतरिक शीतलता
डॉ. भूमिका साहू ने बताया कि शीतली, शीतकारी और चंद्र भेदन प्राणायाम शरीर के प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम की तरह काम करते हैं। प्रतिदिन सुबह इनका अभ्यास करने से मानसिक शांति और शारीरिक शीतलता मिलती है।
हीट स्ट्रोक (लू) के लक्षण और तत्काल बचाव
चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि थोड़ी सी लापरवाही हीट स्ट्रोक का कारण बन सकती है।
सावधानियां: ‘सावधानी ही बचाव है’
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें।
- हमेशा हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें।
- बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि नागरिक इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर भीषण गर्मी में भी स्वस्थ और सुरक्षित रह सकते हैं।
