डिजिटल किसान किताब हस्ताक्षर में बेमेतरा प्रदेश में अव्वल, थान खम्हरिया तहसील ने मारी बाजी
बेमेतरा, 28 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन को धरातल पर उतारते हुए बेमेतरा जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डिजिटल किसान किताब हस्ताक्षर अभियान में बेमेतरा, छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान पर काबिज हो गया है। जिले में अब तक 56 हजार से अधिक खसरों का डिजिटल प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
राजस्व कार्यों में बेमेतरा का दबदबा
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले के कुल 8,69,514 खसरों में से 56,157 का डिजिटल हस्ताक्षर कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में जिला 6.46 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ राज्य में शीर्ष पर है। डिजिटल हस्ताक्षर के साथ-साथ ऑटो डायवर्सन के मामले में भी जिला शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में 7वें स्थान पर बना हुआ है।
तहसीलवार प्रदर्शन: थान खम्हरिया सबसे आगे
जिले के भीतर तहसीलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है:
- प्रथम: थान खम्हरिया (11.8%)
- द्वितीय: दाढ़ी (7.83%)
- तृतीय: देवकर (7.3%)
बेमेतरा और भिम्भौरी तहसीलें 6.4% के साथ बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, जबकि बेरला और नांदघाट तहसीलों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
पारदर्शिता और गति का नया दौर (UPAHAR पोर्टल)
राज्य सरकार के “उपहार (UPAHAR)” और e-District पोर्टल ने भूमि संबंधी कार्यों की सूरत बदल दी है।
- समय की बचत: अब कृषि भूमि का आवासीय या व्यावसायिक डायवर्सन मात्र 15 से 72 घंटों में ऑनलाइन पूर्ण हो रहा है।
- बिचौलियों से मुक्ति: प्रक्रिया ऑनलाइन होने से भ्रष्टाचार में कमी आई है और किसानों को अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे।
- स्व-मूल्यांकन: आवेदक स्वयं कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है डिजिटल हस्ताक्षर?
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने खसरों पर डिजिटल हस्ताक्षर करवाएं। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
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- सुरक्षा और प्रमाणिकता: भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित और कानूनी रूप से प्रमाणित हो जाते हैं।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: बैंक लोन, फसल बीमा और अन्य सब्सिडी प्राप्त करना आसान हो जाता है।
- विवादों में कमी: डिजिटल रिकॉर्ड होने से भूमि संबंधी विवादों की संभावना न्यूनतम हो जाती है।
कैसे कराएं हस्ताक्षर?
किसान अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र (CSC) या संबंधित पटवारी कार्यालय में अपने आधार कार्ड और भूमि दस्तावेजों के साथ संपर्क कर सकते हैं। यह प्रक्रिया बायोमेट्रिक या ओटीपी (OTP) के माध्यम से मौके पर ही पूरी की जा सकती है।
जिला प्रशासन ने सभी राजस्व अधिकारियों को शेष 8.13 लाख लंबित खसरों का कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं ताकि बेमेतरा का यह गौरवपूर्ण स्थान बरकरार रहे।
