बेमेतरा: नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने दिए ठोस कार्रवाई के निर्देश
बेमेतरा | 28 अप्रैल 2026 जिला कलेक्ट्रेट के दिशा सभाकक्ष में आज कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड), सड़क सुरक्षा, नशा मुक्त भारत अभियान और पशु क्रूरता निवारण जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रशासन और पुलिस को “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम करना होगा।
🚫 नशा मुक्ति: केवल कार्रवाई नहीं, जागरूकता भी जरूरी
कलेक्टर ने जिले में नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ सख्त कार्रवाई करें और साथ ही समाज में निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाएं।
🛣️ सड़क सुरक्षा: ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार के निर्देश
जिला परिवहन अधिकारी श्री अरविंद भगत ने बैठक में बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों और बेरला क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:
- ब्लैक स्पॉट सुधार: चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर तत्काल साइन बोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
- एनएचएआई को निर्देश: कलेक्ट्रेट के सामने स्पीड लिमिट बोर्ड, डिवाइडर और मास्ट लाइट की व्यवस्था के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को त्वरित कार्रवाई हेतु पत्राचार किया गया।
- अतिक्रमण हटाओ अभियान: मुख्य मार्गों और चौराहों से अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए ताकि यातायात सुचारू रहे।
👮 नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए दो टूक कहा:
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- हेलमेट और सीट बेल्ट: पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाएं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाएं।
- स्कूल बसों की जांच: बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। स्कूल बसों की फिटनेस और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
- आवारा पशु प्रबंधन: सड़कों पर बैठने वाले आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर पालिका को विशेष अभियान चलाने को कहा गया है।
”सड़क सुरक्षा केवल नियमों के बोझ से सुनिश्चित नहीं की जा सकती, इसके लिए नागरिकों की जागरूकता अनिवार्य है। स्कूलों और कॉलेजों में कार्यशालाएं आयोजित कर हम युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाएंगे।”
— सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, कलेक्टर बेमेतरा
बैठक का निष्कर्ष: बैठक के अंत में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने नशा मुक्ति और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक समन्वित रणनीति पर सहमति जताई। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और जिले को नशा मुक्त बनाने में सहयोग दें।
