प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी कार्रवाई: बेमेतरा में 187 रोजगार सहायकों और 35 आवास मित्रों का वेतन रोका
बेमेतरा | 29 अप्रैल 2026 प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले मैदानी अमले पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रेमलता पदमाकर ने समीक्षा बैठक के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए 187 रोजगार सहायकों और 35 आवास मित्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ-साथ उनके वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक में खुली पोल
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस विस्तृत समीक्षा बैठक में आवासों की प्रगति की बिंदुवार जांच की गई। बैठक में सामने आया कि जिले में स्वीकृत बड़ी संख्या में आवास अब तक शुरू ही नहीं हो पाए हैं। इसके अलावा:
- कई आवास लंबे समय से निर्माणाधीन हैं और पूरे नहीं किए गए।
- हितग्राहियों को मिलने वाली 90 दिवस की मजदूरी का भुगतान भी लंबित पाया गया।
- बड़ी संख्या में मैदानी कर्मचारी बैठक से अनुपस्थित रहे।
अनुपस्थिति और उदासीनता पर भड़कीं CEO
सीईओ प्रेमलता पदमाकर ने योजना की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसमें किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार्य नहीं है। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले 187 रोजगार सहायकों के अनुपस्थित दिवस को अवैतनिक घोषित कर दिया गया है। साथ ही, आगामी आदेश तक उनके वेतन आहरण पर भी रोक लगा दी गई है।
आवास मित्रों को भी चेतावनी
काम में लापरवाही और समीक्षा बैठक में हिस्सा न लेने पर 35 आवास मित्रों को भी कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में और भी कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
प्रशासन ने मैदानी अमले को सख्त हिदायत दी है कि:
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- सभी अप्रारंभ आवासों को तत्काल शुरू कराया जाए।
- मजदूरी भुगतान के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो।
- सभी निर्माणाधीन घरों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
“योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हितग्राहियों को उनका हक समय पर मिले, यह सुनिश्चित करना मैदानी अमले की जिम्मेदारी है।” > — प्रेमलता पदमाकर, सीईओ जिला पंचायत बेमेतरा
