बेमेतरा को नशामुक्त बनाने कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं सख्त, ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश
- NCORD समिति की बैठक: अवैध मादक पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर लगेगा पूर्ण अंकुश
- स्कूल-कॉलेजों के पास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, मेडिकल स्टोर्स की होगी नियमित जांच
बेमेतरा, 27 मई 2026:
जिले में नशे के अवैध कारोबार और परिवहन पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज जिला कार्यालय के दिशा सभाकक्ष में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने दोटूक शब्दों में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद करता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए बेमेतरा को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी, चलेगी संयुक्त छापामार कार्रवाई
कलेक्टर ने पुलिस और आबकारी विभाग को स्पष्ट हिदायत दी है कि अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाए।
- जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
- अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित विभाग मिलकर नियमित रूप से संयुक्त छापामार कार्रवाई करेंगे।
बिना पर्चे के नशीली दवाएं बेची, तो सस्पेंड होगा मेडिकल लाइसेंस
युवाओं में बढ़ती प्रतिबंधित दवाओं की लत पर चिंता जताते हुए कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं। अब जिले के मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच की जाएगी। यदि कोई भी मेडिकल संचालक बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के नशीली या प्रतिबंधित दवाएं बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ न केवल सख्त कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि उसका लाइसेंस भी निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा।
शैक्षणिक संस्थानों के पास तंबाकू उत्पादों पर बैन, चलेगा जागरूकता अभियान
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने युवाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के आसपास तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
-
- जनजागरूकता: शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से सेमिनार, रैली और कार्यशालाओं के जरिए युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए।
- काउंसलिंग और पुनर्वास: नशे की लत से प्रभावित हो चुके लोगों की काउंसलिंग की जाएगी और उनके पुनर्वास के लिए प्रभावी व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी।
बैठक में रहे मौजूद:
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), जिला आबकारी अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर सहित एनसीओआरडी समिति के अन्य सभी प्रमुख सदस्य और अधिकारी उपस्थित थे।

