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24/04/2026

​बंगाल में लोकतंत्र का ‘महा-रिकॉर्ड’: पहले चरण में 92% ऐतिहासिक वोटिंग; मुर्शिदाबाद में भारी हिंसा, तमिलनाडु में शांतिपूर्ण मतदान

पहले चरण का मतदान

1. बंगाल में वोटिंग का महा-रिकॉर्ड

​पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में लगभग 92% मतदान हुआ है।

  • सर्वाधिक मतदान: दक्षिण दिनाजपुर में सबसे ज्यादा 94.85% वोटिंग दर्ज की गई।
  • अन्य जिले: कूचबिहार (94.54%) और बीरभूम (93.70%) में भी मतदान का प्रतिशत बेहद ऊंचा रहा।
  • ​यह 2021 के विधानसभा चुनाव (85.2%) की तुलना में काफी अधिक है।

2. मुर्शिदाबाद और अन्य क्षेत्रों में हिंसा

​जहां एक तरफ लंबी कतारें दिखीं, वहीं दूसरी ओर कई जगहों से हिंसा और झड़पों की खबरें भी आईं:

  • मुर्शिदाबाद (नौदा): यहां ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) और सत्ताधारी ‘तृणमूल कांग्रेस’ (TMC) के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।
  • आसनसोल: भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर पथराव किया गया, जिससे उनकी कार के शीशे टूट गए।
  • कुमारगंज: भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि उन पर हमला किया गया और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई।
  • ईसीआई की कार्रवाई: चुनाव आयोग ने हिंसा की इन घटनाओं पर संबंधित जिला अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

3. तमिलनाडु: शांतिपूर्ण और भारी मतदान

​तमिलनाडु में भी पहले चरण का मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। राज्य में लगभग 84.69% वोटिंग दर्ज की गई।

  • प्रमुख क्षेत्र: करूर में सबसे अधिक 92.48% मतदान हुआ।
  • तकनीकी नवाचार: वेल्लोर जैसे कुछ बूथों पर मतदाताओं का स्वागत ‘रोबोट’ द्वारा किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा।
  • ​राज्य में किसी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली, जो बंगाल की तुलना में बिल्कुल विपरीत स्थिति थी।

अगला चरण और परिणाम

    • दूसरा चरण: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को होगा, जिसमें कोलकाता और आसपास की 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
    • नतीजे: सभी सीटों के चुनावी नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।

विशेष नोट: इस बार बंगाल के चुनावों में कल्याणकारी योजनाओं (जैसे लक्ष्मी भंडार) और बंगाली अस्मिता बनाम सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है। भारी मतदान का यह प्रतिशत किस पार्टी के पक्ष में जाएगा, यह तो 4 मई को ही साफ होगा।

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