बेमेतरा: स्वर्गीय सुभाष जांगड़े की पत्नी सुनीता जांगड़े को मिली अनुकम्पा नियुक्ति, तहसील कार्यालय में संभालेंगी भृत्य का पद
बेमेतरा, 22 मई 2026:
राज्य शासन के जनहितैषी निर्देशों और आयुक्त दुर्ग संभाग से प्राप्त औपचारिक अनुमति के बाद बेमेतरा जिले में एक संवेदनशील पहल की गई है। दिवंगत शासकीय सेवक स्वर्गीय श्री सुभाष जांगड़े के परिवार को संबल देते हुए उनकी पत्नी श्रीमती सुनीता जांगड़े को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत उन्हें तहसील कार्यालय बेमेतरा में रिक्त भृत्य (Peon) के पद पर पदस्थापना दी गई है।
वेतनमान और सेवा शर्तें
श्रीमती सुनीता जांगड़े (निवासी: ग्राम व पोस्ट झाल, तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा) की यह नियुक्ति उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। शासन द्वारा उनके लिए निम्नलिखित आर्थिक व सेवा शर्तें तय की गई हैं:
- वेतनमान: पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लेवल-01 के अंतर्गत ₹15,600 से ₹49,400 प्रतिमाह। इसके साथ ही शासन द्वारा समय-समय पर स्वीकृत महंगाई भत्ते व अन्य लाभ भी देय होंगे।
- परिवीक्षा अवधि (Probation Period): यह नियुक्ति प्रारंभिक रूप से अस्थायी होगी तथा कार्यभार ग्रहण करने के बाद 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन द्वारा एक माह का नोटिस देकर सेवा समाप्त की जा सकेगी।
कार्यभार ग्रहण करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
आदेश के अनुसार, नियुक्त आवेदिका को पदस्थ कार्यालय (तहसील कार्यालय बेमेतरा) में एक सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। जॉइनिंग के समय निम्नलिखित औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी:
- दस्तावेज सत्यापन: कार्यभार ग्रहण करते समय सभी मूल प्रमाण-पत्रों (Original Certificates) को परीक्षण हेतु प्रस्तुत करना होगा तथा उनकी स्व-प्रमाणित छायाप्रतियां कार्यालय में जमा करनी होंगी।
- स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र: ड्यूटी जॉइन करने से पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा जारी स्वास्थ्य उपयुक्तता प्रमाण पत्र (Medical Fitness Certificate) पेश करना अनिवार्य है।
- चरित्र सत्यापन: पुलिस और प्रशासन द्वारा चरित्र सत्यापन कराया जाएगा, जिसमें कोई भी प्रतिकूल जानकारी मिलने पर सेवा तत्काल समाप्त की जा सकेगी।
आश्रित परिवार के भरण-पोषण की रहेगी जिम्मेदारी
अनुबंध और शासकीय नियमों के मुताबिक, अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने वाली श्रीमती सुनीता जांगड़े पर दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित परिवार के समुचित देखरेख और भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी होगी।
विशेष शर्त: यदि भविष्य में कभी यह प्रमाणित या सिद्ध होता है कि उनके द्वारा परिवार के सदस्यों की उपेक्षा की जा रही है या उनका ध्यान नहीं रखा जा रहा है, तो शासन द्वारा यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा सकती है।
प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि एक बार अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद, भविष्य में किसी अन्य पद पर परिवर्तन या बदलाव की कोई भी मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।
