मनरेगा में बेमेतरा का डंका: 70 हजार परिवारों को मिला रोजगार, प्रदेश के टॉप-5 जिलों में शामिल
* 7.44 लाख मानव दिवस का हुआ सृजन
* प्रतिदिन 55 हजार श्रमिकों को मिल रहा काम, जल संरक्षण कार्यों पर विशेष जोर
बेमेतरा, 26 मई 2026:
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बेमेतरा जिले ने छत्तीसगढ़ प्रदेश में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले में ग्रामीण परिवारों की मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे योजनाबद्ध प्रयासों के चलते बेमेतरा अब मानव दिवस (Persondays) सृजन के मामले में राज्य के शीर्ष 5 जिलों में शुमार हो गया है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक जिले के लगभग 70 हजार परिवारों ने रोजगार की मांग की थी, जिसे जिला प्रशासन ने तत्परता से पूरा करते हुए सभी पात्र परिवारों को काम मुहैया कराया है। इसके परिणामस्वरूप जिले में अब तक रिकॉर्ड 7.44 लाख मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है।
प्रतिदिन 55 हजार श्रमिकों को मिल रहा काम
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दैनिक श्रमिक संलग्नता (Daily Labour Engagement) के मामले में भी बेमेतरा का प्रदर्शन बेहतरीन है। वर्तमान में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगभग 55 हजार श्रमिकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए क्षमता के अनुरूप ई-मस्टर रोल जारी कर श्रम आधारित कार्यों का संचालन निरंतर किया जा रहा है।
जल संरक्षण और स्थायी संपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता
इस वर्ष मनरेगा के तहत केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ पहुँचाने वाले कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में:
- हाफ नदी पुनर्जीवन कार्य
- रिचार्ज पिट और खेत तालाब निर्माण
- सामुदायिक परिसंपत्तियों का विकास
जैसे स्थायी प्रकृति के कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों से जहाँ एक ओर ग्रामीणों को तत्काल रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर भू-जल संवर्धन और भविष्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
तकनीकी दिक्कतों के बाद भी राज्य के औसत से आगे
वित्तीय वर्ष की शुरुआत (अप्रैल माह) में नरेगा एमआईएस (MIS) पोर्टल में आई तकनीकी समस्याओं के कारण देश भर में कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन बेमेतरा जिला प्रशासन की मुस्तैदी से यहाँ काम प्रभावित नहीं होने दिया गया। अप्रैल माह में लक्ष्य के विरुद्ध मानव दिवस सृजन में जिले की उपलब्धि 56 प्रतिशत रही, जो कि राज्य की औसत उपलब्धि (42 प्रतिशत) से काफी अधिक है।
प्रशासन की अपील: अधिक से अधिक कराएं मांग पंजीयन
जिला प्रशासन ने जिले के सभी ग्रामीण परिवारों से अपील की है कि वे स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त करने के लिए अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक संख्या में ‘मांग पंजीयन’ कराएं। सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त मात्रा में श्रममूलक कार्य स्वीकृत हैं ताकि कोई भी परिवार रोजगार से वंचित न रहे।
