बेमेतरा: कुपोषण को मात देने ‘मुनगा’ का सहारा, घरों में रोपे जा रहे सुपोषण के पौधे
बेमेतरा, 08 जुलाई 2026:
जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत 7 जुलाई से जिले भर में गंभीर कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और एनीमिक (खून की कमी से जूझ रही) महिलाओं के घरों में मुनगा (मोरिंगा) के पौधे लगाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
पोषण के लिए ‘सुपरफूड’ का संकल्प
जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश और जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक घर तक पौष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। मुनगा, जिसे ‘सुपोषण का पौधा’ कहा जाता है, पोषक तत्वों का खजाना है।
मुनगा के औषधीय और पोषण संबंधी लाभ:
- पोषक तत्व: इसमें प्रोटीन, विटामिन-ए, विटामिन-सी, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: इसके नियमित सेवन से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है, जो कुपोषण और एनीमिया से लड़ने में सहायक है।
- स्वास्थ्य के अन्य लाभ: यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है, रक्त शर्करा (शुगर) और रक्तचाप (BP) को नियंत्रित रखने में मदद करता है, साथ ही हृदय एवं त्वचा के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।
जन-भागीदारी से कुपोषण का खात्मा
अभियान के अंतर्गत विभागीय टीम सीधे हितग्राहियों के घर पहुँच रही है। न केवल पौधे रोपे जा रहे हैं, बल्कि परिवारों को इन पौधों की देखभाल करने और दैनिक भोजन में मुनगा की पत्तियों एवं फलियों को शामिल करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर जागरूक परिवारों ने न केवल पौधों को सहेजने का संकल्प लिया, बल्कि संतुलित आहार और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को भी समझा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से इस तरह के जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे ताकि जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में गुणात्मक सुधार लाया जा सके।
