प्लास्टिक हटाओ–स्वच्छ गांव बनाओ: बेमेतरा में मनरेगा कार्यस्थल से गूंजा स्वच्छता और अधिकारों का संदेश
- साजा के ग्राम पंचायत तेंदुआ में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
- मनरेगा श्रमिकों को अधिकारों के साथ ठोस-तरल कचरा प्रबंधन और जल संरक्षण की दी गई जानकारी
बेमेतरा, 08 जून 2026:
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती प्रेमलता पद्माकर के मार्गदर्शन में बेमेतरा जिले में विकास, रोजगार, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत साजा के ग्राम पंचायत तेंदुआ में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और मनरेगा श्रमिकों को शासकीय योजनाओं, स्वच्छता प्रबंधन तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के तहत ग्राम पंचायत तेंदुआ में स्थित ‘बादी नार तालाब’ गहरीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया। कार्यस्थल पर पहुंचे जिला समन्वयक ने मनरेगा श्रमिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों, रोजगार संबंधी कानूनी प्रावधानों तथा देश की न्यायिक व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी।
कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर
कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्रामीणों को नवीन स्वच्छता प्रावधानों तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Solid and Liquid Waste Management) की बारीकियां समझाई गईं। ग्रामीणों को बताया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ गांव के निर्माण के लिए कचरे का सही वर्गीकरण बेहद जरूरी है। इसके तहत:
- गीला कचरा, सूखा कचरा, सेनेटरी कचरा और विशेष देखभाल वाले घरेलू हानिकारक (डोमेस्टिक हैजार्डस) कचरे को अलग-अलग रखने व उनके सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया समझाई गई।
- घर-घर कचरा पृथक्करण, कम्पोस्ट निर्माण, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) और संसाधनों के पुनः उपयोग के लाभ बताए गए।
- पंचायत स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए यूजर चार्ज के महत्व और सामुदायिक सहभागिता पर चर्चा की गई।
सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह त्यागने की अपील
जिले में चल रहे “प्लास्टिक हटाओ–स्वच्छ गांव बनाओ” विशेष अभियान के तहत ग्रामीणों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। उन्हें प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने और इसके विकल्प के रूप में कपड़े व जूट के थैलों का उपयोग बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026’ के प्रचार-प्रसार हेतु लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

आवास दिवस, रोजगार दिवस और जल संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान आवास दिवस एवं रोजगार दिवस का भी आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के जिन हितग्राहियों के मकान अधूरे हैं, उन्हें जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील करते हुए हर घर में सोखता गड्ढा (Soak Pit) निर्माण और वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting) प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया, ताकि भूजल स्तर सुधरे और गांवों को कीचड़ व जलभराव की समस्या से मुक्ति मिल सके।
सामूहिक भागीदारी से बनेगा आत्मनिर्भर बेमेतरा
हाल ही में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से भी ग्रामीणों को सतत विकास और प्लास्टिक मुक्त ग्राम बनाने का संकल्प दिलाया गया था। इस अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों, रोजगार सहायकों, स्वच्छता दीदियों, स्व-सहायता समूहों, युवा मंडलों, मनरेगा श्रमिकों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

जिला प्रशासन की अपील:
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक उन्मूलन और जल संरक्षण जैसे अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेकर एक स्वस्थ, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बेमेतरा के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दें।
