ग्राम जेवरा में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा: डॉ. शिवेंद्र त्रिपाठी ने की क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना
जेवरा/बेमेतरा: भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की पावन रथ यात्रा के अवसर पर ग्राम जेवरा में एक भव्य धार्मिक शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो पूर्णतः श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई।
इस गरिमामयी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ के बिलासपुर संभाग प्रभारी डॉ. शिवेंद्र त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ का विधिवत पूजन-अर्चन कर क्षेत्र और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक
रथ यात्रा को संबोधित करते हुए डॉ. शिवेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकता के सूत्र में पिरोने के साथ-साथ हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं।
डॉ. त्रिपाठी ने आगे कहा, “भारतीय जनता पार्टी सदैव भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। हमारा संकल्प समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर निरंतर आगे बढ़ने का है।”
आयोजन की सराहना और दायित्व का संदेश
डॉ. त्रिपाठी ने आयोजन समिति और ग्रामवासियों को इस भव्य एवं अनुशासित आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण हम सभी का सामूहिक दायित्व है। आने वाली पीढ़ियों तक अपनी संस्कृति को पहुँचाने के लिए इस प्रकार के आयोजनों का निरंतर होना अत्यंत आवश्यक है।
भक्तिमय हुआ पूरा वातावरण
रथ यात्रा के दौरान पूरा ग्राम “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ रथ खींचकर अपनी अटूट आस्था प्रकट की। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और मातृशक्ति ने सहभागिता की।
प्रमुख उपस्थिति:
इस अवसर पर शालिक दुबे जी, प्रणय सिंह राणा जी, विशाल ठाकुर जी, रूपेंद्र सिन्हा जी, गणेसु साहू जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर संपन्न हुआ।
