बेमेतरा जिला प्रशासन की दो टूक: शहरी क्षेत्र की आवासीय और डायवर्टेड भूमि का एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य, ‘अनक्लेम’ खाताधारक शीघ्र करें क्लेम
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
बेमेतरा, 29 जुलाई 2026: भारत सरकार और राज्य शासन की महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल के तहत जिला प्रशासन बेमेतरा ने जिले के समस्त शहरी क्षेत्रों के भूमि स्वामियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहरी क्षेत्र की आवासीय एवं डायवर्टेड (व्यपवर्तित) भूमि का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने वाले भूमि स्वामियों को भविष्य में डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में रुकावट आ सकती है।
‘अनक्लेम’ श्रेणी के खातों के लिए विशेष अपील
जिला प्रशासन के संज्ञान में आया है कि पोर्टल पर दर्ज डेटा के अनुसार, वर्तमान में अनेक भूमि स्वामियों के खाते ‘अनक्लेम’ (Unclaimed) श्रेणी में प्रदर्शित हो रहे हैं।
- प्रशासन ने ऐसे सभी खाताधारकों को चेतावनी दी है कि वे बिना किसी विलंब के अपना क्लेम प्रस्तुत करें।
- संबंधित व्यक्ति द्वारा क्लेम प्रस्तुत किए बिना भूमि का सत्यापन और रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं किया जा सकता है।
- इसलिए, सभी संबंधित नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे इस प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
भविष्य की योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं का मिलेगा लाभ
एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से देश और राज्य के भूमि अभिलेखों का पूरी तरह डिजिटलीकरण किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने बताया कि आने वाले समय में शासन द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं, प्रमाण-पत्र, भूमि संबंधी अन्य सुविधाएं और तमाम शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भूमि का इस पोर्टल पर पंजीकृत और सत्यापित होना अनिवार्य होगा।
अंतिम समय में आने वाली तकनीकी समस्याओं या किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए प्रशासन ने समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा करने की अपील की है।
कहाँ और कैसे करवाएं पंजीयन?
भूमि स्वामी अपनी इस प्रक्रिया को आसानी से पूरा करने के लिए निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:
- लोक सेवा केंद्र (चॉइस सेंटर)
- संबंधित तहसील कार्यालय
- क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक (RI)
- हल्का पटवारी
आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थानों पर जाकर नागरिक अपना एग्रीस्टैक पंजीयन और ‘अनक्लेम’ भूमि पर क्लेम की प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना तुरंत आगे आएं और अपने भूमि अभिलेखों को डिजिटल रूप से प्रमाणित करवाकर सुरक्षित करें। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी पटवारी या तहसील कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
