सावधान! खेत मा पराली झन जलावव संगवारी, बेमेतरा कृषि विभाग ह दीस चेतावनी

बेमेतरा, 26 अप्रैल 2026:

जिले में भीषण गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। रबी फसल की कटाई के बाद कुछ क्षेत्रों में फसल अवशेष (पराली) जलाने की खबरें सामने आने के बाद प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है।

पराली जलाने के नुकसान: सिर्फ धुआं नहीं, मिट्टी की सेहत भी खराब

​कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाने से न केवल वायुमंडल में प्रदूषण फैलता है, बल्कि इसके दूरगामी दुष्प्रभाव भी हैं:

  • उर्वरा शक्ति का नाश: आग लगाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव और मित्र कीट मर जाते हैं।
  • आगजनी का खतरा: तेज हवाओं और गर्मी के कारण यह आग आसपास के खेतों और बस्तियों तक फैल सकती है।
  • मिट्टी की गुणवत्ता: जमीन की ऊपरी परत सख्त हो जाती है, जिससे भविष्य में पैदावार पर बुरा असर पड़ता है।

विकल्प क्या हैं? विभाग की सलाह

​किसानों को दंड से बचाने और लाभ दिलाने के लिए विभाग ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

  1. जैविक खाद: रोटावेटर या हैप्पी सीडर के जरिए पराली को मिट्टी में ही मिला दें।
  2. पशु चारा: पराली को चारे के रूप में संरक्षित करें।
  3. आधुनिक तकनीक: आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर खेत को अगली फसल के लिए तैयार करें।

होगी दंडात्मक कार्रवाई

​विभाग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि शासन के नियमों का उल्लंघन करने वाले और पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले को प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित रखने के लिए सभी किसानों से एक जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने की अपील की गई है।

विशेष संदेश: “खेत की राख, किसान के भाग्य की राख है।” मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बचाएं, पराली न जलाएं।

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