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01/08/2026

न्याय श्रुति प्लेटफॉर्म के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर: बेमेतरा में एसपी श्री त्रिलोक बंसल की उपस्थिति में आयोजित हुआ डिजिटल न्याय व्यवस्था का प्रशिक्षण

बेमेतरा, 01 अगस्त 2026 — माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में ‘न्याय श्रुति प्लेटफॉर्म’ के सफल क्रियान्वयन को लेकर आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में पुलिस अधीक्षक (SP) श्री त्रिलोक बंसल (IPS) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश यादव सहित जिले के तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं थाना-चौकी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मिला तकनीकी प्रशिक्षण

​प्रातः 11 बजे आयोजित इस वर्चुअल प्रशिक्षण में एनआईसी (NIC) नई दिल्ली द्वारा न्यायालयों के राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों और संबंधित विभागों के अमले को न्याय श्रुति प्लेटफॉर्म के संचालन व उपयोग की बारीकियां सिखाई गईं। इस दौरान न्याय श्रुति को CAS छत्तीसगढ़ और CCTNS के साथ एकीकृत करने हेतु ‘उत्पादन-स्तर एकीकरण परीक्षण’ की तकनीकी जानकारी भी साझा की गई।

​पुलिस कार्यालय में रही सक्रिय सहभागिता

​बेमेतरा पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान निम्नलिखित प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे:

  • श्री त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) — पुलिस अधीक्षक, बेमेतरा
  • श्री हरीश यादव — अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
  • श्री राजेश कुमार झा — डीएसपी (मुख्यालय)
  • श्रीमती कौशिल्या साहू — डीएसपी
  • श्री भूषण एक्का — एसडीओपी, बेमेतरा
  • श्रीमती रूचि वर्मा — एसडीओपी, बेरला

​साथ ही, जिले के सभी थानों और चौकियों के अधिकारी-कर्मचारी भी इस सत्र से जुड़े रहे।

​डिजिटल न्याय व्यवस्था के लाभ

​प्रशिक्षण में बताया गया कि न्याय श्रुति एक अत्याधुनिक डिजिटल व्यवस्था है, जो न्यायालयीन कार्यवाही और गवाही के लिए एक सुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा मुहैया कराती है। इसकी मदद से गवाह, पुलिस अधिकारी, डॉक्टर और वैज्ञानिक विशेषज्ञ दूरदराज के क्षेत्रों से ही सुरक्षित तरीके से अपनी गवाही दर्ज करा सकेंगे।

​इससे कैदियों एवं गवाहों को बार-बार अदालत लाने-ले जाने की आवश्यकता में कमी आएगी, जिससे समय और शासकीय संसाधनों दोनों की बचत होगी। इसके अलावा, अदालतों में लंबित मामलों के त्वरित निराकरण में भी इससे बड़ी सहायता मिलेगी।

​नए आपराधिक कानूनों पर भी हुई चर्चा

​कार्यक्रम के दौरान न्याय श्रुति के अलावा नए आपराधिक कानूनों और ICJS-CCTNS से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस सत्र में निरीक्षक चंद्रदेव वर्मा, दुलेश्वर चंद्रवंशी, सत्य प्रकाश उपाध्याय, उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल, राजकुमार साहू, प्रशिक्षु उप निरीक्षकगण, सहायक उप निरीक्षक मोहन साहू, प्रधान आरक्षक मोहित चेलक, गोपाल ध्रुव तथा आरक्षक देवेन्द्र सिन्हा, मनीष देवांगन समेत पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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