सुशासन तिहार 2026: समाधान शिविर से संवरी सुशील की राह, मौके पर मिली ‘किसान किताब’
बेमेतरा, 6 मई 2026 छत्तीसगढ़ सरकार की “शासन आपके द्वार” की अवधारणा बेमेतरा जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित किए जा रहे समाधान शिविरों में आम नागरिकों की वर्षों पुरानी समस्याओं का निपटारा अब मिनटों में हो रहा है। इसी कड़ी में ग्राम मोहरेंगा के किसान श्री सुशील पाटिल के लिए बुधवार का दिन नई खुशियाँ लेकर आया, जब उन्हें प्रशासन की तत्परता से उनकी बहुप्रतीक्षित ‘किसान किताब’ (खसरा/भूमि अभिलेख) प्रदान की गई।
लंबे समय से अधूरी थी प्रक्रिया
श्री सुशील पाटिल को अपनी खेती-किसानी के विस्तार और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान किताब की सख्त जरूरत थी। किन्हीं तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों से यह दस्तावेज उन्हें प्राप्त नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते वे बैंक ऋण और अन्य कृषि सहायता प्राप्त करने में असमर्थ थे।
शिविर में हुआ ‘ऑन द स्पॉट’ निराकरण
सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में सुशील ने अपनी व्यथा अधिकारियों के सामने रखी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन मॉडल का असर यहाँ साफ दिखा—प्रशासन ने बिना किसी देरी के दस्तावेजों का सत्यापन किया और मौके पर ही उन्हें किसान किताब सौंप दी।
खेती को मिलेगी नई ताकत
किसान किताब हाथ में आते ही सुशील पाटिल के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। अब वे:
- खेती के लिए बैंक से ऋण सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
- शासकीय योजनाओं और सब्सिडी का सीधा लाभ ले पाएंगे।
- राजस्व संबंधी कार्यों के लिए उन्हें अब भटकना नहीं पड़ेगा।
शासन के प्रति बढ़ा विश्वास
अपनी खुशी जाहिर करते हुए सुशील पाटिल ने कहा, “मैं काफी समय से परेशान था, लेकिन सुशासन तिहार ने मेरी समस्या को एक झटके में हल कर दिया। अब मुझे अपनी खेती के कामों में कोई रुकावट नहीं आएगी। त्वरित समाधान के लिए मैं मुख्यमंत्री जी और जिला प्रशासन का आभारी हूँ।”
निष्कर्ष: गाँव-गाँव पहुँच रहा सुशासन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है। बेमेतरा जिले में आयोजित ये शिविर न केवल फाइलों का निपटारा कर रहे हैं, बल्कि किसानों की आर्थिक रीढ़ को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
