बेमेतरा प्रशासन सख्त: खरीफ सीजन में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए ‘उड़नदस्ता दल’ तैनात
बेमेतरा | 20 अप्रैल 2026 खरीफ सीजन 2026 के आगमन से पहले बेमेतरा जिला प्रशासन ने किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय नवा रायपुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन में, कलेक्टर प्रशासन ने उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने और अवैध व्यापार पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, तस्करी, जमाखोरी या निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अमानक खाद बेचने या खाद के डायवर्सन (दूसरे कार्यों में उपयोग) की स्थिति में संबंधित फर्म या व्यक्ति के खिलाफ न केवल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई होगी, बल्कि सीधे पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर मामला न्यायालय में पेश किया जाएगा।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
उर्वरक संबंधी अनियमितताओं की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है:
- मुख्य नोडल अधिकारी: श्री गुड्डू लाल जगत (अपर कलेक्टर)
- सहायक नोडल अधिकारी: * सुश्री हर्षलता वर्मा (डिप्टी कलेक्टर)
- श्रीमती शिल्पा अग्रवाल (जिला पंजीयक, सहकारी संस्थाएं)
- डॉ. श्याम लाल साहू (सहायक संचालक, कृषि)
- श्री देशराज यादव (सहायक संचालक, कृषि)
सतत निगरानी और निरीक्षण
यह विशेष दल जिले के विभिन्न केंद्रों और निजी विक्रेताओं के भंडारण, वितरण और बिक्री की नियमित रूप से जांच करेगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीफ 2026 के दौरान जिले के किसी भी किसान को खाद की कमी न हो और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उर्वरक सही समय पर प्राप्त हो सके।
प्रशासन का संदेश: “किसानों को खाद के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा रहा है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है।”
