बेमेतरा, 01 जुलाई 2026: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जिले के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई है। इस योजना ने ग्राम भोईनाभाटा निवासी धरमदास के वर्षों पुराने सपने को सच कर दिखाया है, जिसके बाद अब उनका परिवार एक सुरक्षित और पक्के मकान में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा है।
कच्चे मकान के दुखों से मिली मुक्ति
धरमदास ने बताया कि पहले उनका परिवार एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकना और दीवारों की सीलन उनके लिए बड़ी मुसीबत थी। तेज बारिश और हवा के दौरान पूरे परिवार को हर पल असुरक्षा की चिंता सताती थी। सीमित आय के कारण अपने दम पर पक्का घर बनाना उनके लिए एक असंभव सपना जैसा था।
योजनाओं के तालमेल से हुआ निर्माण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयन होने पर धरमदास को 1 लाख 20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। निर्माण कार्य को गति देने के लिए उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिनों का रोजगार भी उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिला।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
आज धरमदास का अपना पक्का मकान तैयार है। अपने नए घर की खुशियां साझा करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना ने हमारे जीवन की सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी है। अब हमारे पास न केवल एक सुरक्षित छत है, बल्कि बच्चों को भी बेहतर वातावरण मिला है।”
प्रशासन की पारदर्शी पहल
जिला प्रशासन द्वारा पात्र हितग्राहियों का चयन कर उन तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना केवल ईंट-सीमेंट का मकान ही नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आत्मविश्वास भी प्रदान कर रही है।