108 संजीवनी एक्सप्रेस के कर्मियों की सूझबूझ से एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित
बेमेतरा से रायपुर रेफर की गई थी गर्भवती महिला, रास्ते में बढ़ी प्रसव पीड़ा
● ईएमटी कलावती और पायलट नीलमणि की तत्परता ने बचाई दो जानें, परिजनों ने जताया आभार
बेमेतरा / रायपुर, 27 मई 2026:
प्रदेश सरकार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एक बार फिर एक गर्भवती महिला के लिए संकटमोचक साबित हुई है। एम्बुलेंस कर्मियों की त्वरित सूझबूझ, संवेदनशीलता और तत्परता के चलते रास्ते में ही एम्बुलेंस के भीतर महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। वर्तमान में मां और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
जिला अस्पताल से रायपुर किया गया था रेफर
मिली जानकारी के अनुसार, बेमेतरा जिले के ग्राम आनंदगांव निवासी 24 वर्षीय श्रीमती मानसी (पति दीपक) को गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं के कारण जिला चिकित्सालय बेमेतरा में भर्ती कराया गया था। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेकाहारा (मेकाहारा) रायपुर रेफर कर दिया। सूचना मिलने पर 108 संजीवनी एक्सप्रेस के पायलट नीलमणि और ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन) कलावती गायकवाड़ तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे और मरीज को रायपुर के लिए लेकर रवाना हुए।

धरसीवां के पास बढ़ीं मुश्किलें, सूझबूझ से कराया प्रसव
एम्बुलेंस अभी रायपुर पहुंचने ही वाली थी कि धरसीवां के पास महिला को अचानक असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल पहुंचने में देरी और स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ईएमटी कलावती गायकवाड़ ने बड़ा निर्णय लिया। उन्होंने परिजनों की सहमति से पायलट नीलमणि के सहयोग से एम्बुलेंस में ही डिलीवरी कराने का फैसला किया।
सभी आवश्यक चिकित्सकीय प्रोटोकॉल और सावधानियों का पालन करते हुए ईएमटी कलावती ने सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही समय में किलकारी गूंज उठी और महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
परिजनों ने माना आभार:
सुरक्षित प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को आगे की देखभाल के लिए मेकाहारा रायपुर में भर्ती करा दिया गया है। विपरीत परिस्थितियों में देवदूत बनकर आए 108 कर्मियों की इस मानवता और मुस्तैदी को देखकर परिजनों ने भावुक होकर ईएमटी कलावती गायकवाड़ और पायलट नीलमणि का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
