‘ब्यूटी विद ब्रेन’: बस्तर की अनुष्का सोन ने मिस इंडिया के मंच पर बिखेरा छत्तीसगढ़िया जलवा, जीतीं ‘ईस्ट जोन’ की ट्रॉफी
विशेष संवाददाता, बिलासपुर
छत्तीसगढ़ की माटी की प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर राज्य का गौरव बढ़ाया है। बस्तर की पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली और पेशे से डॉक्टर (MBBS छात्रा) अनुष्का सोन ने देश की प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता ‘फेमिना मिस इंडिया 2026’ में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए न केवल ‘मिस इंडिया छत्तीसगढ़’ का ताज अपने नाम किया, बल्कि मुख्य प्रतियोगिता में भी अपनी मेधा और संवेदनशीलता का लोहा मनवाया है।
उड़ीसा के भुवनेश्वर में आयोजित हुए भव्य ग्रैंड फिनाले में अनुष्का ने देश भर की सुंदरियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा को पार करते हुए टॉप-15 (Top 15) में अपनी जगह बनाई।
👑 ईस्ट जोन की विजेता और दो सब-टाइटल पर जमाया कब्जा
कोलकाता और मुंबई के कड़े ऑडिशन दौर को पार कर राष्ट्रीय मंच पर पहुंची अनुष्का सोन प्रतियोगिता के दौरान जजों की पहली पसंद बनी रहीं। उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा के दम पर ईस्ट जोन (East Zone) में शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके साथ ही, उन्होंने प्रतियोगिता में दो महत्वपूर्ण सब-टाइटल भी अपने नाम किए:
- मिस रेडिएंट पर्सनालिटी (Miss Radiant Personality): उनकी आकर्षक छवि और सकारात्मक ऊर्जा के लिए।
- मिस सुडोकू (Miss Sudoku): उनकी तार्किक क्षमता और तीक्ष्ण बुद्धिमत्ता के लिए।
🩺 ब्यूटी विद ब्रेन: स्टेथॉस्कोप से लेकर रैंप वॉक तक का सफर
अनुष्का सोन का यह सफर इसलिए भी खास है क्योंकि वे केवल ग्लैमर की दुनिया तक सीमित नहीं हैं। भिलाई से अपनी MBBS की पढ़ाई कर रही अनुष्का का मानना है कि चिकित्सा और कला दोनों ही मानवीय संवेदनाओं को जोड़ने का माध्यम हैं। एक भावी डॉक्टर के रूप में वे समाज की सेवा को अपना मुख्य ध्येय मानती हैं।
📚 बहुमुखी प्रतिभा: लेखिका और उद्यमी भी हैं अनुष्का
रैंप और मेडिकल कॉलेज के अलावा अनुष्का की पहचान एक प्रखर लेखिका के रूप में भी है। वे ‘She Wore Thunder’ नामक पुस्तक की लेखिका हैं। इसके अलावा खेल जगत में रुचि रखते हुए वे ‘Taps Sports’ नाम का एक वेंचर भी संभालती हैं। कला, नृत्य और पेंटिंग में उनकी गहरी रुचि उनके व्यक्तित्व को एक मुकम्मल पहचान देती है।
💬 “चुनौतियों को बनाया अपनी ताकत”
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर बात करते हुए अनुष्का ने साझा किया कि बचपन में वे बेहद साधारण ‘टॉमब्वॉय’ की तरह रहती थीं और उन्हें कई बार आत्मविश्वास की कमी और बॉडी-शेमिंग जैसी रूढ़ियों का सामना करना पड़ा। लेकिन पिछले 7 वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और बस्तर की संस्कृति से मिले संस्कारों की बदौलत उन्होंने हर बाधा को पार किया। वे वर्तमान में वृद्धश्रमों और वंचित बच्चों के लिए भी सामाजिक स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
रंगमंच से लेकर राष्ट्रीय मंच तक का अनुष्का का यह सफर छत्तीसगढ़ की हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है, जो अपनी आंखों में बड़े सपने संजोए हुए है। उनकी इस उपलब्धि पर आज पूरा प्रदेश गौरवान्वित है।
विशेष संवाददाता, बिलासपुर/ अथर्व अंगिरस
