बेमेतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सायबर ठगों को बैंक खाता ‘किराए’ पर देने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार
बेमेतरा, 12 अप्रैल 2026: सायबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए बेमेतरा पुलिस ने अब उन लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जो लालच में आकर अपने बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) ठगों को उपलब्ध कराते हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन में सिटी कोतवाली बेमेतरा और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
लोन के नाम पर खुलवाते थे खाते
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को इंडियन बैंक शाखा बेमेतरा के एक संदिग्ध खाते के बारे में सूचना मिली थी। जांच करने पर पता चला कि यह खाता ग्राम मुरता निवासी धर्मराज साहू का है। जब खाते के स्टेटमेंट का अवलोकन किया गया, तो मात्र दो महीने के भीतर (23 मई 2025 से 01 जुलाई 2025) इसमें लगभग 6.65 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन पाया गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी धर्मराज ने खुलासा किया कि गांव के ही संतोष साहू और एक अन्य साथी ने उसे लोन दिलाने का झांसा दिया था। लोन के नाम पर आरोपियों ने धर्मराज के अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए और उनके पासबुक, एटीएम कार्ड व सिम कार्ड अपने पास रख लिए, जिनका उपयोग सायबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
जब्त सामग्री और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं:
- 05 नग बैंक पासबुक
- 02 नग चेक बुक
- 08 नग एटीएम कार्ड
- 02 नग मोबाइल फोन
आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं 317(2), 317(4), 318(4) और 61(2)(A) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपी धर्मराज साहू (32 वर्ष) और संतोष कुमार साहू (41 वर्ष) निवासी मुरता (नवागढ़) सहित एक अन्य को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस की चेतावनी: “अब नहीं बख्शे जाएंगे म्यूल खाता धारक”
DIG श्री रामकृष्ण साहू के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सायबर ठगी में मदद करने वाले खाता धारकों को भी समान रूप से दोषी माना जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम या ओटीपी साझा न करें।
इनकी रही सराहनीय भूमिका:
इस पूरी कार्रवाई में सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोनल ग्वाला, सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, एएसआई सुरेश सिंह, उदल राम टांडेकर, प्रधान आरक्षक मोहित चेलक, आरक्षक पुरूषोत्तम कुंभकार और देवेन्द्र साहू सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। फिलहाल पुलिस इस मामले में जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
