ऐतिहासिक उपलब्धि: भारत से नक्सलवाद का पूर्ण सफाया, अमित शाह की डेडलाइन हुई पूरी
बेमेतरा / 31 मार्च, 2026
आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की समयसीमा तक भारत ने नक्सलवाद के दंश से पूर्णतः मुक्ति पा ली है। दशकों से विकास की राह में रोड़ा बने इस आंतरिक खतरे के अंत के साथ ही ‘नया भारत’ अब पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण होने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
वीर जवानों और निर्दोषों को भावभीनी श्रद्धांजलि
इस ऐतिहासिक विजय का जश्न मनाने के साथ-साथ उन बलिदानों को भी याद किया जा रहा है, जिनकी बदौलत यह शांति संभव हुई। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (BJPYM) द्वारा आज बेमेतरा के जय स्तंभ चौक पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- दीप प्रज्वलन: युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने हजारों दीप जलाकर पूरे चौक को रोशन किया।
- श्रद्धांजलि: यह दीप प्रज्वलन नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों और इस हिंसा में जान गंवाने वाले निर्दोष आदिवासी भाइयों की स्मृति में किया गया।
- संकल्प: उपस्थित नेताओं ने कहा कि यह जीत उन शहीदों की शहादत और आदिवासियों के धैर्य को सच्ची श्रद्धांजलि है।
नक्सल मुक्त भारत: एक नया सवेरा
गृह मंत्रालय के कड़े संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने यह सिद्ध कर दिया है कि संकल्प शक्ति से किसी भी चुनौती को मात दी जा सकती है।
”यह नया भारत है, जहाँ अब डर के लिए कोई जगह नहीं है। गृह मंत्री जी की दूरदर्शिता और हमारे जवानों के रक्त ने बस्तर से लेकर गढ़चिरौली तक के जंगलों में विकास का नया सूरज उगाया है।”
— विजय सिन्हा नगरपालिका अध्यक्ष
इस उपलब्धि के साथ ही देश के उन दुर्गम इलाकों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है जो कभी हिंसा के साये में जीने को मजबूर थे। जय स्तंभ चौक पर लगे ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद जवान अमर रहें’ के नारों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रवाद की भावना से सराबोर कर दिया।
