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21/03/2026

​धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद: सड़कों पर उतरा हिंदू समाज, थम गई प्रदेश

रायपुर: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को लेकर हिंदू संगठनों और स्थानीय समाज का आक्रोश आज सड़कों पर फूट पड़ा। सर्व हिंदू समाज और छत्तीसगढ़ सर्व समाज के संयुक्त आह्वान पर आज प्रदेशव्यापी ‘बंद’ का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का व्यापक असर राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, जगदलपुर और दुर्ग जैसे बड़े जिलों में देखने को मिला।

बाजारों में पसरा सन्नाटा, व्यापारिक प्रतिष्ठान रहे बंद

​सुबह से ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और व्यापारियों से समर्थन की अपील की। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बंद का मिला-जुला और कई जगह पूर्ण असर देखा गया:

  • व्यापारिक केंद्र: प्रमुख शहरों के मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहे। चेंबर ऑफ कॉमर्स और स्थानीय व्यापार संघों ने भी इस बंद को अपना नैतिक समर्थन दिया।
  • आवागमन: बंद के चलते सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन कम नजर आया, जिससे आम जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित रहा।
  • सुरक्षा व्यवस्था: किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात किया है। विशेषकर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग की जा रही है।

क्यों बढ़ा है जन-आक्रोश?

​आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रदेश के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण का खेल चल रहा है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि:

  1. सांस्कृतिक अस्मिता: धर्मांतरण से स्थानीय जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को खतरा पैदा हो रहा है।
  2. कानूनी कार्रवाई की मांग: समाज का दावा है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे आक्रोश बढ़ रहा है।
  3. कड़ा कानून: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि राज्य में धर्मांतरण रोकने के लिए और अधिक सख्त कानून लागू किए जाएं।

प्रशासन की पैनी नजर

​राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, बंद शांतिपूर्ण तरीके से जारी है, हालांकि कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।

नोट: खबर लिखे जाने तक प्रदेश के प्रमुख शहरों में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि धर्मांतरण पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

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