बेमेतरा: सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज, पुलिस को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
बेमेतरा। सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले व्यक्तियों को समय पर और बेहतर उपचार दिलाने के उद्देश्य से बेमेतरा पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन में शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पीएम राहत योजना, आई-रेड (iRAD) एवं ई-डार (e-DAR) प्लेटफॉर्म के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
गोल्डन ऑवर में जीवन बचाना मुख्य लक्ष्य
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में बताया गया कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1,50,000/- तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा। मास्टर ट्रेनर ने जानकारी दी कि:

- यह सुविधा दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक मान्य होगी।
- इसका मुख्य उद्देश्य ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के ठीक बाद का कीमती समय) में पीड़ित को बिना किसी वित्तीय बाधा के आपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध कराना है।
पुलिस की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
कार्यशाला में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि e-DAR प्लेटफॉर्म पर दुर्घटना के मामलों का प्रमाणीकरण समय पर पूरा करें। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द नामित अस्पतालों में भर्ती कराया जाए और उन्हें योजना का पूर्ण लाभ मिल सके।
कार्यशाला में ये रहे उपस्थित
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से:
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव
- डीएसपी (मुख्यालय) श्री राजेश कुमार झा
- एसडीओपी (बेमेतरा) श्री भुषण एक्का एवं एसडीओपी (बेरला) श्री विनय कुमार
- मास्टर ट्रेनर ईश्वर वर्मा (DRM)

साथ ही, जिले के विभिन्न थानों के प्रभारी, सीसीटीएनएस आरक्षक और साइबर सेल की टीम ने भी भाग लिया। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को इस कल्याणकारी योजना का लाभ दिलाने हेतु तत्परता से कार्य करें।
महत्वपूर्ण बात: दुर्घटना के समय पीड़ित की जान बचाना प्राथमिकता है। ₹1.5 लाख तक की यह सरकारी सहायता किसी भी घायल व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।
