बेमेतरा: अब गाँव-गांव पहुँचेगी डायल-112 की सेवा, DIG रामकृष्ण साहू ने पुलिसकर्मियों को दी ‘क्विक रिस्पॉन्स’ की ट्रेनिंग
बेमेतरा | जिले में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और हाईटेक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डायल-112 के ईआरव्ही (ERV) स्टाफ के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक त्वरित पुलिस सहायता पहुँचाना है।
रिस्पॉन्स टाइम घटाने और गुणवत्ता पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान DIG श्री साहू ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपातकालीन कॉल प्राप्त होते ही रिस्पॉन्स टाइम (घटनास्थल पर पहुँचने का समय) को न्यूनतम किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि संकट के समय वह कितनी जल्दी पीड़ित तक पहुँचती है। कार्यशाला में अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुँचने, पीड़ितों से संवेदनशीलता से बात करने और त्वरित कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के गुर सिखाए गए।

हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगे नए वाहन
बेमेतरा जिले में डायल-112 सेवा के विस्तार के लिए जल्द ही अत्याधुनिक वाहनों का बेड़ा शामिल किया जाएगा। इन वाहनों की खासियतें निम्नलिखित होंगी:
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- GPS और लाइव ट्रैकिंग: जिससे कंट्रोल रूम सीधे वाहन की लोकेशन देख सकेगा।
- डिजिटल नेविगेशन: ग्रामीण रास्तों को आसानी से खोजने में मददगार।
- वायरलेस सिस्टम: बेहतर संचार और समन्वय के लिए।
“हमारा लक्ष्य है कि डायल-112 की पहुँच केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि बेमेतरा के अंतिम गांव तक व्यक्ति को संकट के समय तत्काल पुलिस सहायता मिले।” — पुलिस प्रशासन, बेमेतरा
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएसपी (मुख्यालय) श्री राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेमेतरा श्री भूषण एक्का और डीएसपी श्रीमती शशीकला उइके सहित डायल-112 के प्रभारी व बड़ी संख्या में आरक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले कर्मचारियों को तकनीकी उपकरणों के संचालन और विपरीत परिस्थितियों में बेहतर समन्वय के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
मुख्य बिंदु:
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- उद्देश्य: आपातकालीन सेवाओं को प्रभावी बनाना।
- क्षेत्र: बेमेतरा जिले के समस्त ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र।
- अपडेट: नई जीपीएस युक्त गाड़ियों की जल्द होगी शुरुआत।

