बेमेतरा में खुलेगा 15 बिस्तरों वाला नशामुक्ति केंद्र: समाज कल्याण विभाग ने संस्थाओं से मंगाए आवेदन
बेमेतरा, 15 जुलाई 2026:
बेमेतरा जिले में नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, समाज कल्याण विभाग ने जिले में 15 बिस्तरों वाले ‘एकीकृत पुनर्वास केंद्र’ (नशामुक्ति केंद्र) के संचालन के लिए इच्छुक और पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
पात्रता की शर्तें
इस केंद्र के संचालन के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं के लिए विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- मान्यता: संस्था का समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त होना और मान्यता में ‘संपूर्ण छत्तीसगढ़’ का कार्यक्षेत्र अंकित होना अनिवार्य है।
- अनुभव: आवेदक संस्था के पास शासकीय या शासन से संबंधित निकायों के लिए आवासीय संस्थाओं के संचालन का न्यूनतम तीन वर्षों का अनुभव होना आवश्यक है।
- आधारभूत संरचना: संस्था के पास संचालन हेतु भवन उपलब्ध होना अनिवार्य है। किराए के भवन की स्थिति में किरायानामा और भवन के फोटोग्राफ आवेदन के साथ संलग्न करना आवश्यक होगा।
आवेदन प्रक्रिया और समय-सीमा
इच्छुक संस्थाएं आवेदन का निर्धारित प्रारूप और विस्तृत दिशा-निर्देश आधिकारिक वेबसाइट www.bemetara.gov.in से डाउनलोड कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, कार्यालयीन समय में उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, बेमेतरा के कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
आवेदन की अंतिम तिथि समाचार पत्र में प्रकाशन की तिथि से 21वें दिन अपराह्न 3:00 बजे तक निर्धारित की गई है। इसके पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन को बंद लिफाफे में प्रस्तुत करना होगा, जिसके ऊपर स्पष्ट रूप से “नशामुक्ति केन्द्र संचालन हेतु आवेदन”, संस्था का नाम, पता और मोबाइल नंबर अंकित होना चाहिए। साथ ही, आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है:
- विगत तीन वर्षों की सी.ए. (CA) द्वारा प्रमाणित ऑडिट रिपोर्ट।
- वैध विभागीय मान्यता एवं पंजीयन प्रमाण-पत्र।
- संस्था की नियमावली।
- यदि जिला बेमेतरा में पूर्व में कोई कार्य अनुभव या शाखा संचालित हो, तो उसका विवरण।
विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण एक निर्धारित चयन समिति द्वारा किया जाएगा और समिति का निर्णय ही अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। जिले में नशामुक्ति केंद्र के खुलने से नशा पीड़ितों के पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में उनके लौटने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
