धान खरीदी में हो रही देरी से भड़के किसान; जिया सेवा सहकारी समिति के गेट पर जड़ा ताला
बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम जिया में आज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। अपनी उपज को बेचने के लिए हफ्तों से इंतजार कर रहे किसानों ने ‘जिया सेवा सहकारी समिति’ के सामने उग्र प्रदर्शन किया और समिति के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।
समस्याओं का अंबार: न टोकन, न तौल
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एक स्थानीय किसाने योगेश्वर चौबे ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों व चौबै जी का कहना है कि वे पिछले 4-5 महीनों से हाड़-तोड़ मेहनत कर और प्रकृति की मार झेलकर फसल तैयार करते हैं, लेकिन जब उसे बेचने की बारी आती है, तो सरकारी तंत्र पूरी तरह विफल नजर आ रहा है।
किसानों की मुख्य शिकायतें:
- टोकन की किल्लत: किसानों को धान बेचने के लिए पर्याप्त संख्या में टोकन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
- मापतौल में देरी: समिति में धान की तौल प्रक्रिया बेहद सुस्त है, जिससे किसान हताश हैं।
- आर्थिक संकट: फसल न बिक पाने के कारण किसानों के पास अगली फसल के लिए खाद-बीज खरीदने के पैसे नहीं हैं।
- कर्ज का बोझ: किसानों का कहना है कि एक तरफ उनका अनाज घर में रखा-रखा खराब हो रहा है (चूहे खा रहे हैं), वहीं दूसरी तरफ उन पर केसीसी (KCC) के कर्ज का ब्याज बढ़ता जा रहा है।
सरकार से सीधी अपील
प्रदर्शनकारी किसानों ने राज्य की साय सरकार से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक किसान और छत्तीसगढ़ का मतदाता होने के नाते वे सरकार को निर्देशित और आग्रह करते हैं कि उनकी जायज मांगों पर तत्काल निर्णय लिया जाए।
”हमारी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हम दूसरी फसल की तैयारी के लिए आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। सरकार जल्द से जल्द धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करे।” – स्थानीय किसान
प्रशासन को चेतावनी
किसानों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाचार पत्रों के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंततः विवश होकर उन्हें तालाबंदी जैसा कदम उठाना पड़ा।
फिलहाल, समिति में कामकाज ठप है और किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
