बेमेतरा जिला जलाभावग्रस्त घोषित: 30 जून तक बिना अनुमति नलकूप खनन पर लगा प्रतिबंध
बेमेतरा | भीषण गर्मी के आगमन से पूर्व जिले में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए संपूर्ण बेमेतरा जिले को जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।
नए बोरवेल खनन पर रोक
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 1 जनवरी से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए जिले में पेयजल संरक्षण के सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। इस दौरान:
- बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का नया नलकूप (बोरवेल) खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल संरक्षण को प्राथमिकता
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए वर्तमान जल स्रोतों को सुरक्षित रखना अनिवार्य है। आगामी गर्मियों में आम जनमानस को पीने के पानी की किल्लत न हो, इसके लिए प्रशासन ने अभी से “जल संचय” की रणनीति अपनाई है।
“जल है तो कल है” – जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जल की बर्बादी रोकें और जल संरक्षण के इस अभियान में सहभागी बनें।
प्रशासनिक मुस्तैदी
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की निरंतर निगरानी करें। आम जनता से भी आग्रह किया गया है कि वे पानी का दुरुपयोग न करें और अवैध खनन की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
