छत्तीसगढ़ के 28 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात: ₹758 करोड़ की बकाया राशि होगी माफ
रायपुर/बेमेतरा | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ का ऐलान किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से बकाया बिजली बिलों के बोझ तले दबे नागरिकों को आर्थिक संबल प्रदान करना है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ
सरकार के इस बड़े कदम से प्रदेश के मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सीधा लाभ मिलने वाला है। योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- भारी वित्तीय राहत: योजना के तहत कुल 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को ₹758 करोड़ तक की छूट दी जा रही है। इसमें बिल की मूल राशि और उस पर लगने वाला अधिभार (Surcharge) दोनों शामिल हैं।
- इन वर्गों को मिलेगी प्राथमिकता: योजना में विशेष रूप से निम्न दाब घरेलू उपभोक्ता, बीपीएल (BPL) श्रेणी और कृषि उपभोक्ताओं को फोकस में रखा गया है।
- समावेशी विकास का लक्ष्य: सरकार का मानना है कि इस छूट से न केवल बकाया राशि का निपटारा होगा, बल्कि उपभोक्ताओं का बिजली विभाग के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
पंजीयन की प्रक्रिया और अंतिम तिथि
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पंजीयन प्रक्रिया को काफी सरल और डिजिटल बनाया गया है। लाभ लेने के इच्छुक उपभोक्ता निम्नलिखित माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:
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- मोर बिजली ऐप (Mor Bijli App): घर बैठे डिजिटल माध्यम से पंजीयन।
- वितरण केंद्र: नजदीकी बिजली विभाग के कार्यालय में जाकर।
- विशेष शिविर: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयोजित होने वाले विशेष समाधान शिविरों के माध्यम से।
महत्वपूर्ण तिथि: योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस योजना को ‘राहत और विश्वास’ का प्रतीक बताया है। राज्य सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ में समावेशी विकास और जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक सशक्त उदाहरण पेश करता है, जिससे विशेषकर किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को कर्ज के जाल से निकलने में मदद मिलेगी।

