बेमेतरा में खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन सख्त: 132 केंद्रों पर छापा, 19 को नोटिस, 4 पर बैन
बेमेतरा, 09 जून 2026:
खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही बेमेतरा जिला प्रशासन किसानों को समय पर, सही कीमत और उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वाड) और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जिले में खाद विक्रेताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
अब तक की कार्रवाई: 1 लाइसेंस निलंबित, यूरिया जब्त
संयुक्त टीम द्वारा अब तक जिले के 132 निजी एवं सहकारी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान भारी अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने निम्नलिखित सख्त कदम उठाए हैं:

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- 19 विक्रेताओं को नोटिस: स्टॉक संधारण में गड़बड़ी और मूल्य सूची प्रदर्शित न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी।
- 4 केंद्रों पर बिक्री प्रतिबंधित: गंभीर अनियमितता मिलने पर तत्काल प्रभाव से खाद बेचने पर रोक।
- 1 लाइसेंस सस्पेंड: नियमों के उल्लंघन पर एक कृषि केंद्र का लाइसेंस निलंबित।
- खाद की जब्ती: अवैध भंडारण पाए जाने पर एक विक्रय केंद्र से यूरिया का स्टॉक जब्त किया गया।
प्रशासन की चेतावनी: उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। किसानों की शिकायत पर बिना पूर्व सूचना के सीधे छापेमारी की जाएगी।
जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक: डीएपी के चक्कर में न पड़ें, एसएसपी और एनपीके बेहतर विकल्प
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। बेमेतरा के लिए कुल 68,300 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य है, जिसके मुकाबले अब तक 48,569 मीट्रिक टन (लगभग 75%) खाद प्राप्त हो चुकी है। इसमें से 44% खाद किसानों को बांटी भी जा चुकी है।
उर्वरक उपलब्धता की स्थिति:
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- डीएपी: 16,200 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 5,165 मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है।
- सिंगल सुपर फास्फेट (SSP): लक्ष्य के मुकाबले 143% (7,901 मीट्रिक टन) स्टॉक उपलब्ध है।
- एनपीके (NPK): 6,279 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
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कृषि विशेषज्ञों की सलाह:
विशेषज्ञों का कहना है कि किसान भाई सिर्फ डीएपी (DAP) के भरोसे न रहें। सिंगल सुपर फास्फेट (SSP) में 16% फास्फोरस और 11% सल्फर होता है, जो फसलों की ग्रोथ के लिए बहुत फायदेमंद है। एनपीके और एसएसपी का उपयोग कर किसान संतुलित पोषण पा सकते हैं और बाजार के दबाव से बच सकते हैं।
किसान भाइयों से अपील: अनिवार्य रूप से लें पक्का बिल
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय दुकानदार से अनिवार्य रूप से पक्का बिल लें। यदि कोई भी विक्रेता तय दर से अधिक पैसे मांगता है या खाद की जमाखोरी करता है, तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग या नीचे दिए गए नंबरों पर दें:
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- SADO बेमेतरा: 7999469649
- SADO साजा: 8717872585
- SADO बेरला: 7999972258
- SADO नवागढ़: 8770309426
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इस कार्रवाई को डॉ. श्याम लाल साहू (नोडल अधिकारी), दिनेश कुमार धुर्वे, देवानंद देवांगन, राकेश कुमार चतुर्वेदी, दीपक कुमार साहू और कुलेश्वर सिन्हा की उड़नदस्ता टीम लगातार अंजाम दे रही है।
