बेमेतरा नेशनल लोक अदालत: 13,000 से अधिक मामलों का निपटारा, ₹2.57 करोड़ के समझौते के साथ बिखरे परिवार भी एक हुए
बेमेतरा, 09 मई 2026: जिला न्यायालय बेमेतरा में शनिवार को वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का भव्य और सफल आयोजन किया गया। आपसी सुलह और समझौते के आधार पर त्वरित न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस अदालत में कुल 13,029 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 2 करोड़ 57 लाख 91 हजार 512 रुपये की समझौता राशि का अवार्ड पारित हुआ।
10 खंडपीठों में हुआ त्वरित न्याय
जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 10 खंडपीठों का गठन किया गया था (9 बेमेतरा और 1 साजा में)। प्रत्येक खंडपीठ में दो-दो सुलहकर्ता सदस्यों ने पक्षकारों के बीच मध्यस्थता की। लोक अदालत में राजस्व, विद्युत, बैंक रिकवरी, एनआई एक्ट, और मोटर दुर्घटना दावा जैसे गंभीर मामलों को प्राथमिकता दी गई।
मुख्य उपलब्धियां और समझौते:
- समझौता राशि: प्री-लिटिगेशन मामलों में ₹34.48 लाख और लंबित न्यायिक प्रकरणों में ₹2.23 करोड़ से अधिक का अवार्ड पारित हुआ।
- 7 परिवारों की नई शुरुआत: कुटुंब न्यायालय के विशेष प्रयासों से 7 अलग हो चुके दंपत्तियों ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया।
- बड़े क्लेम: मोटर दुर्घटना के एक मामले में पीड़ित परिवार को ₹22 लाख का मुआवजा मिला, जबकि बीमा कंपनियों ने 18 निष्पादन मामलों में ₹73.25 लाख देने पर सहमति जताई।
जन-जागरूकता के अनोखे प्रयास
अदालत परिसर केवल न्यायिक कार्यवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे एक ‘जागरूकता केंद्र’ के रूप में विकसित किया गया:
- न्याय वृक्ष और प्रदर्शनी: विधिक सहायता, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा की जानकारी देने के लिए ‘न्याय वृक्ष’ और प्रदर्शनियां लगाई गईं।
- डिजिटल जागरूकता: प्रोजेक्टर के माध्यम से घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
- पर्यावरण संदेश: समझौता कर विवाद समाप्त करने वाले पक्षकारों को प्रोत्साहन स्वरूप फलदार और छायादार पौधे वितरित किए गए।
सुविधाओं का अंबार
पक्षकारों की सुविधा के लिए परिसर में स्वास्थ्य डेस्क, स्वचालित चिकित्सकीय वैन, विधिक सहायता डेस्क और विभिन्न विभागों (BSNL, नगरपालिका, बिजली विभाग) के स्टॉल लगाए गए थे। प्रेरणादायक सुविचारों और ‘सेल्फी जोन’ ने परिसर के माहौल को सौहार्दपूर्ण बनाया।

यह आयोजन न केवल कानूनी बोझ कम करने में सफल रहा, बल्कि इसने सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दिया। जिला प्रशासन, बैंक कर्मियों, पैरालीगल वालंटियर्स और कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से बेमेतरा जिले में न्याय की इस मुहिम को बड़ी सफलता मिली।
