प्रिया की मुस्कान: सुशासन तिहार बना मददगार, सालों की राशन कार्ड की समस्या का मिनटों में हुआ था समाधान
बेमेतरा | 27 अप्रैल 2026
सुशासन और त्वरित न्याय का एक जीवंत उदाहरण बेमेतरा जिले में देखने को मिला है। जिले की निवासी श्रीमती प्रिया खिलवाड़े के लिए ‘सुशासन तिहार 2025’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उनके गृहस्थ जीवन में खुशहाली लाने वाली सौगात साबित हुआ।
शादी के बाद राशन के लिए होना पड़ रहा था परेशान
प्रिया की शादी को एक वर्ष बीत चुका था, लेकिन तकनीकी जटिलताओं के कारण उनका राशन कार्ड नहीं बन पा रहा था। स्थिति ऐसी थी कि उन्हें अपने ससुराल में चूल्हा जलाने के लिए मायके से राशन लाने को मजबूर होना पड़ता था। यह न केवल असुविधाजनक था, बल्कि उनके स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को भी ठेस पहुँचा रहा था।
समाधान पेटी और प्रशासन की तत्परता
प्रिया ने अपनी समस्या की अर्जी ‘सुशासन तिहार 2025’ की समाधान पेटी में डाली थी। इसके बाद जो हुआ, उसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास और मजबूत कर दिया:
- त्वरित कार्रवाई: आवेदन मिलने के तत्काल बाद जिला खाद्य अधिकारी ने मामले का परीक्षण कराया।
- सीधे संवाद: 30 अप्रैल 2025 को स्वयं अधिकारी ने फोन कर प्रिया को कार्ड बनने की खुशखबरी दी।
- मौके पर निराकरण: सहसपुर में आयोजित समीक्षा कार्यक्रम के दौरान उन्हें उनका राशन कार्ड सौंप दिया गया।
अब गांव में ही मिल रहा राशन
आज प्रिया अपने ग्राम नवकेशा में ही आसानी से राशन प्राप्त कर रही हैं। राशन कार्ड मिलने से न केवल उनकी आर्थिक दिक्कतें दूर हुई हैं, बल्कि उनकी घरेलू जिम्मेदारियां भी सहज हो गई हैं।
”प्रिया की कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो, तो सरकारी योजनाएं फाइलों से निकलकर सीधे जरूरतमंदों के दरवाजे तक पहुँचती हैं।”
यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि बेमेतरा जिला प्रशासन जन-समस्याओं के निराकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ‘सुशासन तिहार’ जैसे अभियानों ने आम नागरिकों और सरकार के बीच की दूरी को कम करने का काम किया है।
