एसडीओपी बेरला ने किया चौकी कंडरका का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण; लंबित मामलों को 90 दिनों में निपटाने के निर्देश
बेमेतरा | पुलिस महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के मार्गदर्शन में पुलिस प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में एसडीओपी बेरला श्री विनय कुमार ने 31 मार्च को चौकी कंडरका का प्रथम अर्द्धवार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिसिंग में पारदर्शिता, तकनीक के प्रयोग और सामुदायिक जुड़ाव पर विशेष जोर दिया।
रजिस्टरों की जांच और कानून व्यवस्था की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान एसडीओपी ने चौकी के मालखाना, जप्ती रजिस्टर, जरायम, हिस्ट्रीशीट और ग्राम अपराध पुस्तिका सहित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। उन्होंने लंबित अपराधों, मर्ग और शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से यह निर्देशित किया गया कि समयबद्ध मामलों में 60 से 90 दिनों के भीतर न्यायालय में अभियोग पत्र (Charge sheet) प्रस्तुत किया जाए।
स्मार्ट पुलिसिंग और तकनीक पर जोर
एसडीओपी ने नवीन आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि:
- तलाश और जप्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
- ‘सशक्त एप’ के माध्यम से वाहन चेकिंग और ‘त्रिनयन एप’ का प्रभावी उपयोग किया जाए।
- साइबर अपराधों पर लगाम लगाने हेतु ‘साइबर प्रहरी’ अभियान को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।
अवैध कारोबारियों पर कसेगा शिकंजा
क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु एसडीओपी ने अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा और नशीली दवाओं के कारोबार में लिप्त असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक एवं बाउंड ओवर की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और गोवंश तस्करी पर पूर्ण अंकुश लगाने हेतु रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग और कॉम्बिंग ऑपरेशन में तेजी लाई जाए।

सामुदायिक पुलिसिंग: “हमर पुलिस हमर गांव”
जनता और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के तहत हाट-बाजारों और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए। बीट प्रभारियों को नियमित रूप से ग्रामीणों से संवाद करने और सूचना तंत्र को मजबूत करने को कहा गया है। इसके अलावा, गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
अनुशासन और व्यवहार
एसडीओपी ने उपस्थित स्टाफ को साफ-सुथरी वर्दी धारण करने और चौकी में आने वाले आगंतुकों, विशेषकर महिलाओं से संयमित और सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करने की हिदायत दी।
उपस्थिति: निरीक्षण के दौरान चौकी प्रभारी उप निरीक्षक डी.एल. सोना, सहायक उप निरीक्षक तुलाराम देशमुख सहित एसडीओपी कार्यालय और चौकी कंडरका के अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
