महाअष्टमी पर शक्ति की भक्ति में डूबा अंचल: मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, हवन-पूजन के साथ भंडारों का आयोजन
- बेमेतरा :
आज शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर समूचे अंचल में उत्सव का माहौल रहा। सुबह से ही देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ श्रद्धालुओं ने विशेष शुभ मुहूर्त में हवन-पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
शुभ मुहूर्त में दी गई आहुतियां
अंचल के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में आज सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार गूँजने लगे। ज्योतिष गणना के अनुसार निर्धारित शुभ मुहूर्त में मंदिर समितियों और विद्धान पंडितों द्वारा विशेष हवन का आयोजन किया गया। यजमानों ने “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” के मंत्रों के साथ अग्नि में आहुतियां देकर मां महागौरी का आह्वान किया।

भक्तों का लगा तांता
तड़के 4 बजे से ही मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। भक्तों के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। प्रशासन और मंदिर समितियों द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
- श्रृंगार: माता रानी का विशेष पुष्पों और स्वर्ण आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया गया।
- सुरक्षा: प्रमुख मंदिरों में सीसीटीवी और पुलिस बल की तैनाती रही ताकि दर्शन सुचारू रूप से हो सकें।
भोग और विशाल भंडारों का आयोजन
पूजा-अर्चना के बाद माता को हलवा, पूरी और चने का विशेष भोग लगाया गया। दोपहर से ही विभिन्न मंदिरों और सामाजिक संगठनों द्वारा विशाल भंडारों की शुरुआत की गई। हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने “प्रसाद” ग्रहण किया। कई स्थानों पर कन्या पूजन का भी आयोजन हुआ, जहाँ नौ कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया और उन्हें उपहार भेंट किए गए।
भक्तों का अटूट विश्वास: “आज के दिन मां के दर्शन मात्र से ही सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। हवन की पवित्र अग्नि और मंत्रों की शक्ति मन को असीम शांति प्रदान करती है।” — एक श्रद्धालु गिरीश मिश्रा जी

