साहित्यिक आकाश में उदित होता एक नया नक्षत्र: चि. अनंत भास्कर
पं. आशीष तिवारी जी के सुपुत्र चि. अनंत भास्कर “गदाई” ने राष्ट्रीय काव्य मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर न केवल परिवार का, बल्कि समूचे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
उपलब्धि के मुख्य बिंदु:
दिग्गजों का सानिध्य: दिल्ली के प्रख्यात कवि स्वयं प्रकाश श्रीवास्तव, लाफ्टर इंडिया फेम चेतन चर्चित (इंदौर), ओज के सशक्त हस्ताक्षर देवेंद्र परिहार (छत्तीसगढ़) और अनिल राय भारत जैसे स्थापित नामों के साथ मंच साझा करना अनंत की प्रतिभा का जीवंत प्रमाण है।
साहित्यिक विरासत: यह उपलब्धि दर्शाती है कि अनंत को संस्कारों में जो साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत मिली है, उसे उन्होंने अपनी मेहनत और वाकपटुता से एक नई ऊंचाई दी है।
उज्ज्वल भविष्य के संकेत: राष्ट्रीय स्तर के कवियों के साथ काव्य-पाठ करना आत्मविश्वास और कलात्मक परिपक्वता को दर्शाता है, जो भविष्य में उन्हें एक स्थापित रचनाकार के रूप में पहचान दिलाएगा।”जब प्रतिभा को बड़ों का आशीर्वाद और दिग्गजों का साथ मिलता है, तो सफलता के द्वार स्वतः ही खुल जाते हैं।”
चि. अनंत भास्कर को इस गौरवशाली अवसर के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएँ। आशा है कि वे अपनी लेखनी और स्वर से हिंदी साहित्य की सेवा निरंतर करते रहेंगे।
